विदेशी विनिमय बाजार

इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं की तुलना में डॉलर की कमजोरी या मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.19 प्रतिशत की गिरावट के साथ 105.87 रह गया।
वित्तीय बाजार की क्या भूमिका है समझाइए?
इसे सुनेंरोकेंवित्तीय बाजार वित्तीय सम्पत्तियों जैसे अंश, बांड के सृजन एवं विनिमय करने वाला बाजार होता है। यह बचतों को गतिशील बनाता है तथा उन्हें सर्वाधिक उत्पादक उपयोगों की ओर ले जाता है। वित्तीय बाजार दो ऐसे समूहों के बीच एक मध्यस्थ की भूमिका निभाते हैं जो निवेश तथा बचत का कार्य करते हैं।
इसे सुनेंरोकेंअर्थ के संबंध में वित्त बाजार (अंग्रेज़ी: Financial market) वह व्यवस्था है जो लोगों को वित्तीय प्रतिभूतियों (जैसे शेयर, बांड आदि), वस्तुओं (जैसे मूल्यवान धातुएँ, कृषि उत्पाद आदि) एवं अन्य सामानों के क्रय-विक्रय (व्यापार) की सुविधा देता है ताकि वे कम खर्चे पर दक्षतापूर्वक क्रय-विक्रय कर सकें।
विदेशी विनिमय बाजार से आप क्या समझते हैं इसके महत्व और भागीदारों के कार्यों का वर्णन कीजिए?
इसे सुनेंरोकेंविदेशी मुद्राओं का व्यापार विशेष बाजार में किया जाता हैं। विदेशी विनिमय (या फोरेक्स या एफएक्स) बाजार सबसे बड़ा बाजार है, जिसमें विदेशी व्यापारियों के बीच ट्रिलियन डॉलर से अधिक मूल्य का आदान–प्रदान होता है। सरल शब्दों में, एक मुद्रा को दूसरी मुद्रा में परिवर्तित करना विदेशी विनिमय कहलाता है।
वित्तीय बाजार को कितने भागों में बांटा गया है?
इसे सुनेंरोकेंवित्तीय बाजार को दो भागों में वर्गीकृत किया गया है। प्रश्न 5, मुद्रा बाजार किसे कहते हैं? वह बाजार जहां अल्पकालीन प्रतिभूतियों का क्रय विक्रय किया जाता है ,उसे मुद्रा बाजार कहते हैं। विदेशी विनिमय बाजार इसके अंतर्गत उन सभी संगठनों एवं संस्थाओं को शामिल किया जाता है जो अल्पकालीन कोषों का प्रबंध एवं उपयोग करते हैं।
इसे सुनेंरोकेंउत्तर-राष्ट्रीय वित्तीय संस्थाएँ वे हैं जो राष्ट्रीय स्तर पर वित्त प्रबंधन तथा साख अथवा ऋण के लेन-देन का कार्य करती हैं। इन वित्तीय संस्थाओं को प्रायः दो वर्गों में विभाजित किया जाता है- मुद्रा बाजार की वित्तीय संस्थाएँ तथा पूँजी बाजार की वित्तीय संस्थाएँ।
देश के समस्त वित्तीय प्रणाली का नियंत्रण कौन करता है?
इसे सुनेंरोकेंभारतीय रिजर्व बैंक ने देश में सर्वोच्च मौद्रिक और बैंकिंग अधिकार है और बैंकिंग प्रणाली को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी है। यह सभी वाणिज्यिक बैंकों की आरक्षित रहता है और इसलिए रिजर्व बैंक के रूप में जाना जाता है।
विदेशी विनिमय बाजार के कार्य
विदेशी मुद्रा बाजार, विश्व की मुद्राओं के क्रय-विक्रय (व्यापार) का बाजार है जो विकेन्द्रित, चौबीसों घंटे चलने वाला, काउन्टर पर किया जाने वाले (over the counter) कारोबार है। अन्य वित्तीय बाजारों की अपेक्षा यह बहुत नया है और पिछली शताब्दी में सत्तर के दशक में आरम्भ हुआ। फिर भी सम्पूर्ण कारोबार की दृष्टि से यह सबसे बड़ा बाजार है। विदेशी मुद्राओं में प्रतिदिन लगभग ४ ट्रिलियन अमेरिकी डालर के तुल्य कामकाज होता है। अन्य बाजारों की तुलना में यह सबसे अधिक स्थायित्व वाला बाजार है।
1 विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार का इतिहास
2 अचल (Fixed) विदेशी मुद्रा दरें
3 चल (FLOATING) विदेशी मुद्रा दरें
4 इन्हें भी देखें
विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार का इतिहास
1970 से पहले तक विदेशी मुद्रा विनिमय दरें स्थायी रूप से तय रहा करती थीं। 70 के दशक से ही लगातार परिवर्तन होने वाली चल (FLOATING) विनिमय दरों[1] का प्रचलन शुरू हुआ।
विदेशी विनिमय बाजार से आप क्या समझते हैं इसके महत्व और भागीदारों के कार्यों का वर्णन कीजिए?
इसे सुनेंरोकेंविदेशी विनिमय (या फोरेक्स या एफएक्स) बाजार सबसे बड़ा बाजार है, जिसमें विदेशी व्यापारियों के बीच विदेशी विनिमय बाजार ट्रिलियन डॉलर से अधिक मूल्य का आदान–प्रदान होता है। विदेशी मुद्राओं का व्यापार भारतीय बाजार सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय स्थानों में किया जाता है, और यह 24 घंटे खुला रहता है।
विदेशी मुद्रा बाजार में भागीदार कौन है समझाइए?
इसे सुनेंरोकेंविदेशी मुद्रा बाजार में प्रमुख भागीदार बड़े वाणिज्यिक बैंक हैं जो बाजार का मूल प्रदान करते हैं; दुनिया भर में 100 से 200 बैंक सक्रिय रूप से विदेशी मुद्रा में “बाजार बनाते हैं”; ये बैंक अपने खुदरा ग्राहकों, बैंक ग्राहकों की सेवा करते हैं, विदेशी वाणिज्य का संचालन करते हैं या वित्तीय परिसंपत्तियों में अंतर्राष्ट्रीय …
विदेशी विनिमय बाजार से क्या अभिप्राय है?
मुद्रा बाजार से क्या तात्पर्य है?
इसे सुनेंरोकेंयह वैश्विक वित्तीय प्रणाली के लिए अल्पकालिक अवधि विदेशी विनिमय बाजार की नकदी/तरलता का वित्त पोषण प्रदान करता है। मुद्रा बाजार वह जगह है जहां अल्पकालिक कार्यकाल दायित्व जैसे ट्रेज़री बिल, वाणिज्यिक पत्र/पेपर और बैंकरों की स्वीकृतियां आदि खरीदे और बेचे जाते हैं।
मुद्रा क्या है परिभाषा दें?
इसे सुनेंरोकेंमुद्रा (currency, करन्सी) पैसे विदेशी विनिमय बाजार या धन के उस रूप को कहते हैं जिस से दैनिक जीवन में क्रय और विक्रय होती है। इसमें सिक्के और काग़ज़ के नोट दोनों आते हैं। आमतौर से किसी देश में प्रयोग की जाने वाली मुद्रा उस देश की सरकारी व्यवस्था द्वारा बनाई जाती है। मसलन भारत में रुपया व पैसा मुद्रा है।
संकेतक विश्लेषण: 25 नवंबर, 2022 को EUR/USD की दैनिक समीक्षा
यूरो-डॉलर जोड़ी के लिए 1.0411 के स्तर (कल के दैनिक कैंडल का समापन मूल्य) से 1.0456 तक बढ़ना संभव है, जो 84.5% रिट्रेसमेंट स्तर का प्रतिनिधित्व करता है। इस स्तर.
प्रासंगिकता 2022-11-26
फेड मिनट: दरें धीरे-धीरे और संभवतः अधिक समय तक बढ़ेंगी।
बुधवार का दिन सबसे दिलचस्प रहा। हमें यूके, यूएसए और विदेशी विनिमय बाजार ईयू से सांख्यिकीय डेटा के बड़े पैकेज भी प्राप्त हुए। विश्लेषकों का मानना है कि नवंबर के मिनट पहले के.
प्रासंगिकता 2022-11-26
25 नवंबर, 2022 के लिए BTC/USD का तकनीकी विश्लेषण
क्रिप्टो उद्योग समाचार: रूसी सांसद एक राष्ट्रीय क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज शुरू करने के लिए संशोधनों पर काम कर रहे हैं। इन प्रयासों को वित्त मंत्रालय और रूस के सेंट्रल बैंक दोनों.
प्रासंगिकता 2022-11-26
रुपये 23 पैसे की तेजी के साथ 81.70 प्रति डॉलर पर
बाजार सूत्रों ने कहा कि अमेरिका के कमजोर आर्थिक आंकड़े और फेडरल रिजर्व के आक्रामक रवैये में नरमी के संकेत के बाद अंतरराष्ट्रीय कारोबार में डॉलर कमजोर हो गया।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 81.72 पर खुला। कारोबार के दौरान रुपया 81.60 के दिन के उच्चस्तर और 81.77 के निचले स्तर को छूने के बाद अंत में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 23 पैसे की तेजी के साथ 81.70 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया बुधवार को 26 पैसे की गिरावट के साथ 81.93 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के विदेशी मुद्रा और सर्राफा विश्लेषक गौरांग सोमैया ने विदेशी विनिमय बाजार विदेशी विनिमय बाजार कहा, ‘‘रुपये में एक सीमित दायरे में घटबढ़ होता रहा और पिछले कुछ सत्रों में उतार-चढ़ाव कम रहा। फेडरल रिजर्व द्वारा बुधवार को जारी बैठक के ब्यौरे में कम आक्रामक रुख अपनाने के बाद यूरो और पाउंड उच्चस्तर पर कारोबार कर रहे हैं।’’