शेयर ट्रेडिंग

क्या आप ट्रेडर पर ट्रेड कर सकते हैं

क्या आप ट्रेडर पर ट्रेड कर सकते हैं

Trading kise kahate hain | ट्रेडिंग कैसे करते हैं | ट्रेडिंग के प्रकार क्या हैं

यदि आप स्टॉक मार्किट में जरा भी दिलचस्पी रखते हैं, तो आपने ट्रेडिंग शब्द जरूर सुना होगा, क्या आप जानते हैं, ट्रेडिंग क्या होता है, Trading kise kahate hain, ट्रेडिंग क्यों की जाती है, और ट्रेडिंग कितने प्रकार की होती है। तो ट्रेडिंग के बारे में विस्तार से जानने के लिए इस पोस्ट को पूरा पढ़ें।

दरअसल जब आप स्टॉक मार्किट में अपनी शुरुवात करते हैं, तो आप के लिए कई शब्द बिलकुल नए होते हैं, जिनके बारे में आपको कोई जानकारी नहीं होती है, जैसे स्टॉक एक्सचेंज, आईपीओ, सेंसेक्स, निफ़्टी, इन्वेस्टर, रिटेलर इत्यादि, और इन्ही में से एक शब्द Trading भी है। तो चलिए जानते हैं, Trading क्या होता है।

पिछले कुछ समय में जिस गति से लोगों के बीच स्टॉक मार्किट में इन्वेस्टमेंट को लेकर चलन बड़ा है, खास करके युवा वर्ग की स्टॉक मार्किट में काफी दिलचस्पी देखि गई है, इस से पता चलता है, की आने वाले समय में भारत में नए निवेशकों की संख्या में बंपर बढ़ोतरी होने वाली है।

ट्रेडिंग क्या होता है | Trading kise kahate hain

ट्रेडिंग का हिंदी में अर्थ होता है, व्यापार, जब दो संस्थाओं के बीच आम तोर पर मुनाफे के उद्देश्य से वस्तुओं या सेवाओं का आदान प्रदान होता है, तो वह ट्रेडिंग केहलाता है। ट्रेडिंग यानि व्यापार द्वारा ही धन प्राप्त होता है, और यही समाज में प्रगति के चक्र को भी नियंत्रित करता है। ट्रेड वस्तुओं या सेवाओं के अनुसार अलग-अलग हो सकता है, लेकिन इसकी प्रक्रिया लगभग एक समान ही होती है।

अब यदि फाइनेंसियल मार्किट या स्टॉक मार्किट में ट्रेडिंग को समझें, की ट्रेडिंग क्या होती है? तो यहाँ पर आम बाजार की तरह प्रोडक्ट और सेवाओं के जगह कंपनियों के स्टॉक्स, शेयर्स, बांड्स इत्यादि को ख़रीदा व बेचा जाता है। वह व्यक्ति जो कपनियों के स्टॉक्स को मुनाफे के उद्देश्य से खरीदता व बेचता है, उसे Trader कहा जाता है, और बाजार जहाँ पर ट्रेडिंग की जाती है, वह शेयर बाजार केहलाता है।

ट्रेडिंग मुख्य रूप से छोटी अवधी में कंपनियों के स्टॉक्स को खरीद व बेच कर अधिक से अधिक मुनाफा कमाने से जुड़ा है, इसमें ट्रेडर द्वारा बाजार के उतार-चढ़ाव का लाभ लिया जाता है। बाजार से मुनाफा क्या और कितना होगा यह बाजार के मूड, ट्रेडर की तकनीक और उसकी एनालिसिस स्किल पर निर्भर करता है। भारत में मुख्य दो क्या आप ट्रेडर पर ट्रेड कर सकते हैं स्टॉक एक्सचेंज हैं, BSE और NSE इन दोनों में ट्रेडिंग का समय सुबह 9:15 AM से शाम 3:30 PM Monday से Friday तक होता है, इसके बाद मार्केट बंद हो जाता है।

ट्रेडिंग करने के लिए आपके पास एक डीमैट अकाउंट होना अनिवार्य है, जिसके लिए में पर्सनली Grow App को दूसरे प्लेटफॉर्म्स की तुलना में बेहतर मानता हूँ, क्योंकि यह एक User friendly एप्प है, जिसका नेविगेशन काफी आसान है। नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर आप Grow App को Download, Install व Register कर सकते हैं।

स्टॉक मार्किट में ट्रेडिंग के प्रकार | Types of Stock market Trading in Hindi

स्टॉक मार्किट ट्रेडिंग के मुख्य तीन प्रकार हैं।

Intraday Trading :-

इंट्राडे ट्रेडिंग को डे ट्रेडिंग भी कहा जाता है, जब कोई निवेशक एक ही दिन के भीतर कोई स्टॉक्स खरीदता और बेचता है, तो वह Intraday trading केहलाता है। इसका अर्थ हुवा की यदि आपने आज के दिन में किसी कंपनी के स्टॉक्स ख़रीदे हैं, तो मार्किट बंद होने तक आज ही आपको उन स्टॉक्स को बेचना होगा। इस प्रकार की ट्रेडिंग अनुभवी ट्रेडर्स के द्वारा की जाती है, क्योंकि इसमें रिस्क अधिक होता है, और तेजी से निर्णय लेने पड़ते हैं।

Position Trading :-

पोजीशन ट्रेडिंग में इंट्राडे की तुलना में निवेशक को ट्रेडिंग के लिए अधिक समय मिल जाता है, क्योंकि यह Buy और Hold रणनीति पर निर्भर करता है। इसमें निवेशक लंबे समय तक के लिए स्टॉक्स को होल्ड रख सकता है, जब तक की स्टॉक्स के दाम में वृद्धि ना हो जाए, यानि इसमें निवेशक हफ़्तों और महीनों तक स्टॉक्स को होल्ड रख सकता है।

Scalping Trading :-

स्काल्पिंग ट्रेडिंग का सबसे शार्ट टर्म फॉर्म है, जिसमे एक ही दिन के भीतर ट्रेडर कई ट्रेड कर लेते हैं, जिनकी संख्या 10 से कई 100 ट्रेड तक हो सकती है। इस ट्रेडिंग रणनीति में ट्रेडर का उद्देश्य स्टॉक की कीमतों में होने वाले छोटे बदलावों से मुनाफा कमाना होता है, क्योंकि उनके द्वारा ऐसा माना जाता है, की स्टॉक की कीमतों में होने वाले छोटे बदलावों का अनुमान लगाना बढे बदलावों की तुलना में ज्यादा आसान होता है। स्कल्पिंग ट्रेडिंग करने वाले ट्रेडर्स को Scalper कहा जाता है।

Swing Trading :-

स्कल्पिंग से उलट स्विंग ट्रेडिंग में ट्रेडर्स अपनी पोजीशन को दिनों और हफ़्तों तक बनाए रख सकते हैं। इसमें मुख्य रूप से ट्रेडर ट्रेंड को पेहचान कर अपना निर्णय लेते हैं, और ट्रेंड की पेहचान के लिए Technical indicators का उपयोग किया जाता है, जिसके द्वारा अनुमान लगाया जाता है, की कोई स्टॉक ऊपर जाएगा या नीचे और उसी अनुसारी स्टॉक्स की buying और selling की जाती है।

अंतिम शब्द

ट्रेडिंग में जिस प्रकार युवाओं की दिलचस्पी बढ़ती जा रही है, अधिक से अधिक लोग प्रतिदिन ट्रेडिंग में अपने सफर की शुरुवात कर रहे हैं, ऐसे में स्टॉक मार्किट में उन सभी नए Users के लिए यह पोस्ट मददगार साबित हो सकती है। हमें उम्मीद है, इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आप जान क्या आप ट्रेडर पर ट्रेड कर सकते हैं गए होंगे Trading kise kahate hain और यह कितने प्रकार की होती है। इस पोस्ट से जुड़े यदि आपके कोई सवाल या सुझाव हैं, तो आप हमें कमेंट द्वारा नीचे बता सकते हैं।

Liquid ETF: शेयर बाजार में ट्रेड करने वालों के लिए बेहतर क्या आप ट्रेडर पर ट्रेड कर सकते हैं है ये फंड, कम जोखिम में रिटर्न के साथ अच्‍छी लिक्विडिटी की सुविधा भी

Liquid ETF: अगर आप शेयर बाजार में ट्रेडिंग या निवेश करते हैं तो लिक्विड ईटीएफ आपके लिए बेहतर विकल्‍प हो सकता है. आइए, समझते हैं इसके फायदे

By: ABP Live | Updated at : 29 Sep 2022 04:31 PM (IST)

Liquid ETF: क्‍या आप भी शेयर बाजार में ट्रेड या निवेश करते हैं? अगर हां, तो लिक्विड ईटीएफ (Liquid Exchange Traded Funds) आपके लिए एक बेहतर विकल्‍प हो सकता है. समझते हैं कि आखिर क्या आप ट्रेडर पर ट्रेड कर सकते हैं इसके पीछे क्‍या तर्क है. जब कोई स्‍टॉक मार्केट ट्रेडर या इंवेस्‍टर अपना निवेश बेचता है तो अपने पैसों का दोबार निवेश करने से पहले उसके पास दो समस्‍याएं आती हैं. मान लेते हैं कि किसी व्‍यक्ति ने आपने स्‍टॉक मार्केट में निवेश किया और कुछ महीने में आपका इंवेस्‍टमेंट बढ़ गया. अब आप मुनाफा कमाने के लिए उसे बेचना चाहते हैं. आप पहले दिन सेल ऑर्डर देंगे. दूसरे दिन आपके डीमैट अकाउंट से आपका स्‍टॉक डेबिट होगा और तीसरे दिन आपके मार्जिन अकाउंट में उसके पैसे आएंगे. अब आपकी इच्‍छा कि आप नए निवेश करने तक उन पैसों को मार्जिन अकाउंट में रखना चाहते हैं या फिर बैंक खाते में ट्रांसफर करते हैं.

Liquid ETF कैसे है फायदे का सौदा?

एक स्‍टॉक मार्केट इंवेस्‍टर के तौर पर आपके मन में यह उलझन हो सकता है कि मार्जिन अकाउंट में आपके पैसे यूं ही पड़े रहेंगे और उस पर कोई ब्‍याज भी नहीं मिलेगा. ट्रेडिंग अकाउंट से बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करने के लिए आपके पास वक्‍त भी होना चाहिए. लिक्विड ईटीएफ आपकी इन दोनों समस्‍याओं का समाधान है. ये कम जोखिम वाले ओवरनाइट सिक्‍योरिटीज जैसे कोलैटरलाइज्‍ड बॉरोइंग एंड लेंडिंग ऑब्लिगेशंस (CBLO), रेपो और रिवर्स रेपो सिक्‍योरिटीज में निवेश करते हैं. ये दैनिक आधार पर आपको डिविडेंड देते हैं जिसका पुनर्निवेश फंड में कर दिया क्या आप ट्रेडर पर ट्रेड कर सकते हैं जाता है. इनमें जोखिम कम होता है और आप जब चाहें पैसे निकाल सकते हैं.

किस लिक्विड ईटीएफ का करें चयन?

लिक्विड ईटीएफ में निवेश से पहले बेंचमार्क की तुलना में उसके रिटर्न और एक्‍सपेंस रेशियो की तुलना करें. आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लिक्विड ईटीएफ क्या आप ट्रेडर पर ट्रेड कर सकते हैं का एक्‍सपेंस रेशियो 0.25 प्रतिशत है. वहीं, डीएसपी निफ्टी लिक्विड ईटीएफ का एक्‍सपेंश रेशियो 0.64 प्रतिशत है, जबकि निप्पॉन इंडिया ईटीएफ के ल‌िक्विड बीईईएस का खर्च 0.69 फीसदी पड़ता है.
खुदरा निवेशकों के लिए, इक्विटी शेयरों की बिक्री के समय ब्रोकर को समान राशि का निवेश करने का निर्देश देकर लिक्विड ईटीएफ की यूनिट खरीदना समझदारी है. जब निवेशक कुछ इक्विटी शेयर खरीदना चाहें, तो किसी ब्रोकर से लिक्विड ईटीएफ का उपयोग करके खरीदारी करने के लिए कह सकता है जिसे मार्जिन मनी के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है.

लिक्विड ईटीएफ अर्जित रिटर्न अपेक्षाकृत ज्‍यादा स्थिर होते हैं क्योंकि इस तरह की शॉर्ट-टर्म डेट सिक्योरिटीज लंबी अवधि की तुलना में कीमत में उतार-चढ़ाव की संभावना कम होती है. इसके अलावा, किसी भी कम समय में इन लिक्विड ईटीएफ यूनट्सि को हाजिर बाजार में स्वतंत्र रूप से बेचा जा सकता है और इसे आसानी से कैश कराया जा सकता है. इसके अलावा, लिक्विड ईटीएफ यूनिट्स की खरीद या बिक्री पर कोई सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) नहीं लगता है. यदि आप एक आम निवेशक हैं जो सोच रहे हैं कि कम समय के लिए पूंजी कहां लगाएं और पारंपरिक निवेश विकल्प से बेहतर रिटर्न मिले तो एक लिक्विड ईटीएफ इसके लिए बेहतर साबित हो सकता है.

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Published at : 29 Sep 2022 04:31 PM (IST) Tags: Mutual Funds Liquid ETF Overnight Funds हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें abp News पर। सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट एबीपी न्यूज़ पर पढ़ें बॉलीवुड, खेल जगत, कोरोना Vaccine से जुड़ी ख़बरें। For more related stories, follow: Business News in Hindi

ट्रेडिंग क्या है और ट्रेडिंग कैसे सीखे 2022 में | Trading Kya Hai

Trader Kaise Bane : आज बहुत से युवा Share Market और Trading में अपनी दिलचस्वी दिखा रहे है और बहुत से युवा को शेयर मार्किट और ट्रेडिंग में अपना करियर भी बनाने में दिलचस्वी दिखा रहे है, वैसे में बात आती है ट्रेडिंग के प्रॉपर जानकारी की आज के इस लेख में हम यही जानेंगे की शेयर मार्किट और ट्रेडिंग में अपना करियर कैसे बनाये

बहुत से युवा को इस क्षेत्र के बारे क्या आप ट्रेडर पर ट्रेड कर सकते हैं क्या आप ट्रेडर पर ट्रेड कर सकते हैं में जानकारी ही नहीं है एक रिपोर्ट अनुसार इस क्षेत्र में करियर बनाने वाले की काफी कमी है ट्रेडिंग बहुत से लोगो को लगता है यह एक गेमलिंग है, जुआ है इसमें पैसा लगाने पर डूब जाते है अगर आप अपने घर में अपना पापा, मम्मी या किसी अन्य व्यक्ति से ट्रेडिंग के बारे में पूछते है तो आपको यही सलाह देते है ट्रेडिंग एक जुआ है इसमें अच्छा तुम अपना पैसा FD में इन्वेस्ट करो इसमें कोई रिस्क नहीं है पर उनको कौन समझाए ,FD तो बस एक पानी का बून्द है और ट्रेडिंग समुन्द्र जहां जितना चाहो उतना पैसा कमा सकते हो लेकिन प्रॉपर स्किल के साथ तो चलिए में आज आपको Trading Kya Hai से जुडी पूरी जानकारी देता हूँ की Trading Kaise Sikhe, Professional Trader Kaise Bane, ट्रेडिंग से कैसे लॉन्ग टर्म तक पैसे कमाए, ट्रेडिंग के लिए बेस्ट कोर्स कौन से है, ट्रेडिंग बुक और ऐसे ही बहुत सारे जानकारी आज के इस लेख में आप जानेंगे तो चलिए बिना देर किये शुरू करते है

Table of Contents

ट्रेडिंग क्या है? (Trading Kya Hai)

ट्रेडिंग को आसान शब्दों में कहे तो किसी प्रोडक्ट या सेवा को कम दाम में खरीदना और उच्च दाम पर बेंच देना ट्रेडिंग कहलाता है, ट्रेडिंग का मतलब किसी स्टॉक की खरीदना और बेंचना भी ट्रेडिंग कहलाता है ट्रेडिंग का मुख्य मकशद कम दाम में खरीदना और उच्च दाम पर बेंच देना

ट्रेडिंग के प्रकार (Types of Trading in Hindi)

स्टॉक मार्किट में ट्रेडिंग को मुख्य चार भागो में विभाजित किया गया है

  1. स्कल्पिंग ट्रेडिंग
  2. इंट्राडे ट्रेडिंग
  3. स्विंग ट्रेडिंग
  4. पोसिशनल ट्रेडिंग

स्कल्पिंग ट्रेडिंग : वह ट्रेड जो कुछ सेकंड या मिनट के लिए ट्रेड किया जाता है इस टाइप की ट्रेडिंग काफी रिस्की होती है इस ट्रेडिंग को करने के लिए काफी एकग्रता की आवश्यकता है इस ट्रेड को अधिकतर प्रोफेशनल ट्रेडर ही ट्रेड करते है

इंट्राडे ट्रेडिंग : यह टाइप ट्रेडिंग एक दिन के लिए किया जाता है अर्थात वह ट्रेडर जो मार्किट खुलने के बाद ट्रेड करते है और मार्किट क्लोज होने से पहले बंद करते है इस तरह के ट्रेडिंग में रिस्क काम होता है.

ट्रेडिंग करने वाले व्यक्ति ट्रेडर कहलाते है ट्रेडिंग करने के लिए मार्किट 9:15 के खुलने के बाद मार्किट 3:30 होने तक बंद हो जाता है इस तरह के ट्रेडिंग को इंट्राडे ट्रेडिंग भी कहा जाता है.

स्विंग ट्रेडिंग : वैसे ट्रेडर जो कुछ समय के लिए नहीं कुछ क्या आप ट्रेडर पर ट्रेड कर सकते हैं दिन के लिए ट्रेड करते है वैसी ट्रेडिंग स्विंग ट्रेडिंग कहलाता है, इस टाइप के ट्रेडिंग उनलोगो ले किये है वो जॉब करते है, स्टूडेंट है

पोस्टशनल ट्रेडिंग : वह ट्रेड जो कुछ समय, कुछ घंटे या कुछ दिन के लिए नहीं कुछ महीने के लिए ताड़े किया जाता है, इस तरह के ट्रेडिंग लॉन्ग टर्म को कैप्चर करने के लिए जाता है इस ट्रेड में अन्य के तुलना काफी कम रिस्क होता है.

ट्रेडिंग मीनिंग इन हिंदी (Trading Meaning in Hindi)

ट्रेडिंग का मतलब हिंदी में व्यपार होता है आसान शब्दों में ट्रेडिंग खरीदने और बेंचने का व्यपार

    और इसमें अपना करियर कैसे बनाए

ट्रेडर कैसे बने (Trader Kaise Bane)

ट्रेडर बनने के लिए पहले आपके पास बेसिक स्किल होना अति आवश्यक है जैसे शेयर मार्किट क्या है? और शेयर मार्किट में कैसे इन्वेस्ट किया जाता है उसके बाद ट्रेडिंग क बारे में भी कुछ जानकारी होनी चाहिए जैसे ट्रेडिंग त्रादंग कितने प्रकार के होते है और ट्रेड कैसे किया जाता है.

ट्रेडिंग करने के लिए आपके पास पहले एक डीमैट अकाउंट होना अतिआवश्यक है जिस प्रकार बैंक में पैसा जमा निकाशी के लिए सेविंग और करंट अकाउंट खुलवाते है उसी प्रकार शेयर मार्किट में निवेश और ट्रेडिंग के लिए डीमैट अकाउंट क आवश्यकता होती है.

डीमैट खाता आप अपने घर से बस 5 मिनट में अपना अकाउंट बना सकते है ऐसे बहुत सरे मार्किट में ब्रोकर है जो डीमैट खाता खोलते है जैसे उपस्टेक्स, एंजेल वन , ग्रो और बहुत सारे

अगर अपने अभी तक अपना डीमैट खाता नहीं खोला है तो आप Upstox में अपना अकाउंट बना सकते है इसकी सर्विस काफी अच्छी होने के साथ इसका इंटरफ़ेस इंटरफ़ेस यूजर फ्रेंडली है इसका इस्तेमाल में करीब 5 साल से कर रहा हूँ.

उसके बाद आप ट्रेडिंग करना शुरू कर सकते है

ट्रेडिंग कैसे सीखे (Trading Kaise Sikhe)

ट्रेडिंग सिखने के लिए आज बहूत सारे तरीके है आप ट्रेडिंग घर बैठे ऑनलाइन सिख सकते है आज ऐसे भूत सरे प्लेटफॉर्म है जिसके माध्यम से आप ट्रेडिंग सिख सकते है

यूट्यूब : आज ऐसे हजारो चैनल है जो फ्री में ट्रेडिंग सिखाते है लेकिन में आपको निचे पांच ऐसे चैनल के नाम बता रहा हूँ जिसमे मेने भी बहुत कुछ सिका और आप भी सिख सकते है

01Vivek Bajaj
02Neeraj Joshi
03Fin Baba
04Puskar Raj Thakur

अगर आप ट्रेडिंग की शुरुवात करना चाहते है तो आप Upstox में अपना अकाउंट बना सकते है इसका इस्तेमाल में पिछले 5 साल से कर रहा हूँ

Stop Loss कहाँ तथा कैसे लगायें - Stop loss in trading

Stock market हमेशा वही करता है जो वह करना चाहता है, स्टॉक मार्केट उधर ही घूमता है, जिधर वह घूमना चाहता है इसलिए ना चाहते हुए भी लोग अक्सर गलत पोजीशन क्या आप ट्रेडर पर ट्रेड कर सकते हैं में फंस जाते हैं तथा उनका बहुत ज्यादा नुकसान हो जाता है, इसी नुकसान को कम करने के लिए stop loss लगाया जाता है। आज की आर्टिकल इसी बारे में है। Stop Loss कहाँ तथा कैसे लगायें ?

Stop Loss कहाँ तथा कैसे लगायें ?


स्टॉप लॉस को ट्रेड मैनेजमेंट टेक्नीक भी कहा जाता है। स्टॉप लॉस सेटिंग का पहला रूल ये है कि यदि आपका स्टॉप लॉस हिट होता है तो इसका मतलब आपका ट्रेडिंग आईडिया गलत है। आपको अपनी ट्रेडिंग पोजीशन बंद कर देनी चाहिए। ट्रेडिंग का पहला नियम यह है कि हर बार stop loss लगाना चाहिए । यदि कभी स्टॉप लॉस लगाने का मन नहीं है तो उस दिन ट्रेडिंग ना ही करें तो ही अच्छा है।


स्टॉप लॉस लगाने के वैसे तो अनेक तरीके होते हैं, लेकिन यहां हम stop loss के चार प्रकार के बारे में जानकारी दे रहे हैं-

प्रतिशत पर आधारित stop loss


परसेंट के आधार पर लगने वाला स्टॉप लॉस पूर्वानुमान से लगाया जाता। जिसमें ट्रेडर, एक ट्रेड में अपने अकाउंट का दो प्रतिशत तक जोखिम उठाते हैं। जो बहुत ज्यादा महत्वाकाक्षी ट्रेडर होते वह दस प्रतिशत तक का जोखिम उठाते हैं. लेकिन ऐसा करना नहीं चाहिए क्योंकि इससे एक-दो ट्रेड में ही आपके अकाउंट की पूरी राशि ख़त्म हो सकती हैं।

Stop loss लगाने से पहले आपको अपने आप से ये पूछना चाहिए हम सभवतः कहाँ पर स्टॉप लॉस लगा सकते हैं। यदि आपका ट्रेड गलत साबित होता है तो आपको अपने आप से यह भी पूछना कि आप कहाँ गलत थे। क्रिप्टो करेंसी क्या है? क्रिप्टोकरेंसी से पैसे कैसे कमायें?

प्राइस Volatility पर आधारित stop loss

प्राइस वोलैटिलिटी बेस्ड स्टॉप लॉस का अर्थ है, स्टॉक्स की कीमत में उतार-चढ़ाव, ज्यादा वोलैटिलिटी की वजह से ट्रेडिंग करने में बहुुत ज्यादा जोखिम होता है। एक्टिव ट्रेडर्स इसलिए सरवाइव कर पाते हैं क्योंकि वह initial stop loss यूज करते हैं।अपने प्रॉफिट को लॉक करने के लिए trailing stop loss भी लगाते हैं।

प्राइस वोलैटिलिटी बेस स्टॉप लॉस लगाने के लिए Volatility stop indicator tool का उपयोग करके स्टॉप लॉस लगा सकते हैं।

इस तरह VOLATILITY STOP का यूज करके ट्रेडिंग के दौरान stop loss लगा सकते हैं। इसमें डाउनट्रेंड के लिए प्राइस बार के ऊपर लाल डॉट्स बनी होती है तथा प्राइस बार के नीचे हरी डॉट्स अपट्रेंड के लिए बनी होती हैँ। लाल तथा हरे रंग डॉट्सके आधार पर स्टॉप लॉस लगाया जाता है।

सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस पर आधारित stop loss

स्टॉप लॉस चार्ट के आधार पर भी लगाया जा सकता है। चार्ट पर प्राइस एक्शन पर गौर करने पर आप देखेगें कि प्राइस एक निश्चित लेवल के ऊपर तथा नीचे नहीं जा पाते। इस लेवल को सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस लेवल कहते हैं। प्राइस निश्चित support & resistance level को बार-बार रीटेस्ट करते है तथा पोटेंशियली होल्ड करते हैं।

आपको इन्हीं S&R के पीछे stop loss लगाना चाहिए। यानि आप किसी शेयर को long (खरीदना) रहे हैं तो हमे उसके सपोर्ट एरिया के नीचे स्टॉप लॉस लगाना चाहिए तथा यदि हम sell (short sell) कर रहें हैं तो स्टॉप लॉस resistance area के ऊपर लगाना चाहिए। सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल क्या हैं, इन्हें चार्ट पर कैसे यूज़ करें?

Stop loss based on support and resistance level

टाइम लिमिट पर आधारित स्टॉप लॉस

टाइम लिमिट पर आधारित stop loss को तब लगाया जाता है। जब ट्रेड को पूर्वनिर्धारित समय तक होल्ड किया जाता है जैसे- इंट्राडे, एक सप्ताह इत्यादि। उदाहरण स्वरू- जैसे कि आप एक इंट्राडे ट्रेडर हैं तथा आपने एक लॉन्ग ट्रेड लिया हुआ है। लेकिन उसमे ना तो टार्गेट अचीवे हो रहा है और ना ही stop loss हिट हो रहा है।

अब आपको यह लग रहा है कि इस ट्रेड में पैसे को क्यों लॉक रखा जाय। इसी पैसे का हम दूसरी जगह उपयोग कर सकते हैं। तो आप उस ट्रेड को बंद कर देते हैं। इसका दूसरा उदाहरण- जैसे कि कोई swing trader है तथा वह फ्राइडे को अपनी पोजीशन को बंद कर देता है। क्योंकि वो weekend event risk से बचना चाहता है तब वह टाइम लिमिट बेस्ड stop loss लगाया जाता है।

Stop Loss लगाते वक्त होने वाली गलतियाँ :

स्टॉप लॉस लगाते वक्त निम्नलिखित गलतियों से बचना चाहिए-
1.स्टॉप लॉस टाइट होना चाहिए लेकिन इतना भी टाइट नहीं होना कि सामान्य सी वोलेटिलिटी के कारण ही टूट जाय। जैसे किसी शेयर का प्राइस 150 रूपये है और आपने 149.90 पर स्टॉप लॉस लगाया है। किसी भी स्टॉक का प्राइस निश्चित दिशा में घूमने पहले एंट्री पॉइंट के आस-पास (ऊपर-नीचे) घूमता है। उसके बाद उसे जिस दिशा होता है, उस दिशा में घूमता है। बिग बुल हर्षद मेहता ने शेयर मार्केट स्कैम 1992 कैसे किया?
2. Position size के आधार पर stop loss लगाना अच्छा नहीं माना, मार्केट की मूवमेंट के आधार पर स्टॉप लॉस लगाना अच्छा माना जाता है। वैसे हमे अपनी पोजीशन को भी नहीं भूलना चाहिए। हमे अपनी पोजीशन को केलकुलेट करने से पहले स्टॉप लॉस सेट कर लेना चाहिए।

यदि आप शेयर मार्केट में नुकसान नहीं उठाना चाहते तो आपको बेंजामिन ग्राहम द्वारा लिखित बुक 'द इंटेलिजेंट इन्वेस्टर बुक (हिंदी) को एक बार जरूर पढ़ना चाहिए। इस बुक को शेयर मार्केट की बाइबिल भी कहा जाता है। The intelligent investors book को आप इस लिंक https://amzn.to/3H6q0Dj पर क्लिक करके बहुत आसानी से खरीद सकते हैं।

3. कुछ ट्रेडर ये गलती करते हैं कि वो स्टॉप लॉस ज्यादा दूर लगाते हैं। जिससे उनको स्टॉप लॉस हिट होने पर नुकसान ज्यादा होता है तथा टार्गेट अचीव होने पर मुनाफा कम होता है। हमे अपनी पैसे का यूज़ प्रॉफिट कमाने के लिए करना चाहिए तथा नुकसान से बचने की हर संभव कोशिश करनी चाहिए।

Stop Loss लगाते वक्त ध्यान देने योग्य बातें

स्टॉप लॉस हमेशा टेक्निकल एनालिसिस को समझ कर ही लगाना चाहिए। Stock Analysis kya hai tatha Stock Analysis kaise kren in Hindi यदि आप कोई ट्रेड लॉन्ग करते हैं तो आपको सपोर्ट लेवल के ऊपर पोजीशन लेनी चाहिए तथा stop loss सपोर्ट लेवल के नीचे लगाना चाहिए।

इसी तरह यदि आप शॉर्ट ( short sell ) का ट्रेड करते हैं तो आपको रेजिस्टेंस लेवल के नीचे ट्रेड में एंट्री करनी चाहिए तथा स्टॉप लॉस रेजिस्टेंस लेवल के ऊपर लगाना चाहिए।जितना स्टॉप लगाना जरूरी है, उतना ही Stop Loss कहाँ तथा कैसे लगायें - Stop loss in trading भी जरूरी है।
यदि आपके S & R level टूट जाते हैं तो आपको यह मान लेना चाहिए कि आपका ट्रेड आइडिया गलत था। ट्रेड करते वक्त आपको और ज्यादा सावधानी रखनी चाहिए। क्या आप ट्रेडर पर ट्रेड कर सकते हैं कभी भी ट्रेड के साथ इमोशनली अटैच नहीं होना चाहिए।
Stop loss दो तरह से लगाए जाते हैं, पहला ऑटोमेटिक स्टॉप लॉस दूसरा मेंटल स्टॉप लॉस। आटोमेटिक स्टॉप लॉस तो अपने आप कट जाता है, लेकिन मेन्टल स्टॉप लॉस के साथ ऐसा नहीं है। इसलिए इसके लिए आपको खुद की भावनाओं पर नियंत्रण रखना चाहिए तथा स्टॉप लॉस लगाने के नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए।

यदि आप शेयर मार्केट एक्सपर्ट बनना चाहते हैं जिससे आप अपने शेयर ट्रेडिंग और इन्वेस्टिंग के निर्णय खुद सकें, तो क्या आप ट्रेडर पर ट्रेड कर सकते हैं आप निम्नलिखित बुक्स पढ़ सकते हैं। आप नीचे दिए गए किताबों के चित्र पर Shop now पर क्लिक करके बहुत आसानी से इन किताबों को खरीदकर पढ़ सकते हैं।


यदि आप अपने ट्रेड में प्रॉफिट में चल रहे है तो आपको अपने स्टॉप लॉस को भी ऊपर कर लेना चाहिए जिससे आपका प्रॉफिट लॉक हो जाये तथा रिस्क भी कम हो जाय। इसे trailing your stop loss कहते हैं।
उम्मीद है, अब आप Stop Loss कहाँ तथा कैसे लगायें- Stop loss in trading के बारे अच्छे समझ गए होंगे। आज की प्रेरणादायी पोस्ट आपको जरूरपसंद आयी होगी, ऐसी ही प्रेरणादायी पोस्ट पढ़ने के लिए हमारे ब्लॉग को सब्सक्राइब जरूर कीजिये। आप मुझे facebookऔर Instagram पर भी जॉइन कर सकते हैं। इस पोस्ट से सम्बन्धित कोई सवाल या सुझाव हो तो कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर भेजें तथा यदि आपको यह पोस्ट पसंद आयी हो तो इसे सोशल मीडिया पर अपने दोस्तों के साथ शेयर करें।
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नौकरी छोड़कर शेयर बाजार से पैसा कमाना चाहते हैं? तो पहले जेरोधा फाउंडर नितिन कामत की सुन लीजिए

जेरोधा के फाउंडर नितिन कामत का कहना है कि आसान पैसा बनाने के लिए शेयर बाजार दुनिया में सबसे कठिन जगह है.

जेरोधा के फाउंडर नितिन कामत ने उन नए ट्रेडर्स को एक बेहद जरूरी सलाह दी है, जिन्हें लगता है कि नौकरी छोड़कर शेयर बाजार में ट्रेडिंग करनी चाहिए और इसी में भविष्य बनाना चाहिए. उनका कहना है कि आसान पैसा बनाने के लिए शेयर बाजार दुनिया में सबसे कठिन जगह है.

  • News18Hindi
  • Last Updated : April 05, 2022, 16:04 IST

नई दिल्ली. जेरोधा के फाउंडर नितिन कामत ने उन नए ट्रेडर्स को एक बेहद जरूरी सलाह दी है, जिन्हें लगता है कि नौकरी छोड़कर शेयर बाजार में ट्रेडिंग करनी चाहिए और इसी में भविष्य बनाना चाहिए. नितिन कामत ने कहा है कि यदि आपको शेयर बाजार की अच्छी समझ है तो आप पार्ट टाइम में भी अच्छा पैसा बना सकते हैं, लेकिन अगर आपको समझ नहीं है तो फिर फुल-टाइम में भी लुट जाएंगे.

इकोनॉमिक्स टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में नितिन कामत ने कहा, “आम तौर पर, यह देखने के लिए कि क्या आप ट्रेडिंग में अच्छे हैं, पहले पार्ट-टाइम में ट्रेडिंग शुरू करना एक अच्छा विचार है. इसके बाद ही आपको पूर्णकालिक रूप से इसमें पूरी तरह उतरने के बारे में निर्णय लेना चाहिए. बस एक दिन सब कुछ छोड़ देना और यह कहना कि मैं एक ट्रेडर बनना चाहता हूं, निश्चित रूप से यह एक स्मार्ट आइडिया नहीं है.”

हर कोई नहीं बन सकता अच्छा ट्रेडर
भारत के सबसे बड़े स्टॉक ब्रॉकर मानते हैं कि जिस तरह म्यूजिशियन, डांसर या खिलाड़ी बनना हर किसी के वश की बात नहीं है, उसी तरह शेयर बाजार में ट्रेडिंग भी हर कोई नहीं कर सकता. नितिन कामत ने कहा, “बेहतर तरीके से ट्रेड करने के लिए आपको अपनी पैदाइश के साथ उस तरह के जीन मिलने चाहिएं. एक अच्छा फुटबॉलर या फिर एक अच्छा संगीतकार कहीं से शिक्षा लिए बगैर भी बेहतर काम कर सकते हैं. यदि वे जीनियस हैं तो खुद से ही समझ लेंगे. बिलकुल उसी तरीके से, ट्रेडिंग में भी यदि आप आनुवंशिक रूप से इस गुण को प्राप्त किए हुए हैं तो आप कहीं और काम करते हुए भी एक अच्छे ट्रेडर हो सकते हैं. यदि आप एक बुरे ट्रेडर हैं तो आप अपने काम और ट्रेडिंग एक्टिविटी दोनों को बर्बाद कर लेंगे.”

सबसे आसान ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाना
41 वर्षीय नितिन कामत ने कहा कि शेयर बाजार के बारे में एकमात्र आसान बात है ट्रेडिंग अकाउंट शुरू करना. “बाकी सब कुछ बहुत मुश्किल है. ट्रेड करना एक बिजनेस चलाने जैसा है. यदि आप 100 लोगों को जानते हैं, जिन्होंने कोई बिजनेस शुरू किया है, तो शायद उनमें से कोई एक ही सफल हुआ होगा. इसी तरह, यदि आप 100 ट्रेडर को चुनते हैं, तो एक व्यक्ति सफल होगा. बाजार में पैसा कमाना आसान लगता है, इसलिए लोग दिलचस्पी लेते हैं.”

शेयर बाजार में पैसा कमाना मुश्किल
कामत ने कहा कि फिलहाल हम ऐसी स्थिति में हैं, जहां लोगों की भागीदारी काफी बढ़ गई है और बहुत से लोग सोचते हैं कि शेयर बाजार में पैसा कमाना आसान है. उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह सिर्फ समय की बात है, जब ये बात सही लग रही है. पहले के समय में भी ऐसा होता आया है. हर बुल मार्केट में लोग सोचते हैं कि बहुत सारा पैसा कमाना आसान है.” उन्होंने कहा, आसान पैसा बनाने के लिए शेयर बाजार दुनिया में सबसे कठिन जगह है.

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